Saturday, December 12, 2020

किसान आंदोलन में jio का बाय'कॉट ? अम्बानी अदानी के पेट्रोल पंप और मॉल पर…


नए कृषि का'-नूनों के खि'-लाफ किसान आं;दोलन अब और तेज हो जाएगा। केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को खा;रिज करते हुए किसान संगठनों ने एक बड़ी घो;षणा की। किसान संग;ठनों ने कहा कि जब तक सरकार तीनों का;नूनों को पूरी तरह वापस लेने की उनकी मांग स्वीकार नहीं करती, तब तक वे आं;दोलन जारी रखेंगे। उन्‍होंने कॉर्पो;रेट्स के बहि;'ष्‍कार की घो;षणा करते हुए रिलायंस और अडाणी ग्रुप का नाम लिया।









किसान नेताओं के मुता;बिक, आंदोलनरत किसान रिला;यंस जियो के सिम नहीं इ;स्‍तेमाल करेंगे। अगर किसी के पास जियो का सिम है तो उसे दूसरे स;र्विस प्रोवाइडर में पोर्ट कराया जाएगा। रिलायंस और अडाणी ग्रुप के हर स्‍टोर, मॉल व सेवा का ये किसान ब;हिष्‍कार करेंगे। आइए जानते हैं कि देश के सबसे बड़ी कारो;बारी समूहों में शामिल, रि;लायंस और अडाणी ग्रुप आंदोलनरत किसानों के नि;शाने पर क्‍यों हैं?





मुकेश अंबानी और गौतम अडानी, दोनों की नजरें भारत के कृ'-षि क्षेत्र पर हैं। साल 2017 में अंबानी ने इस क्षेत्र में नि'-वेश की अच्‍छा जताई थी। जियो प्‍लेटफॉर्म की फेसबुक के साथ पार्टनर'-शिप हुई है। जियोकृषि नाम का एक ऐप भी है जो खेत से प्‍लेट तक सप्‍लाई चेन तैयार करेगी। कंपनी का कहना है कि वह अपने 77% फल सीधे कि'-सानों से खरीदती है।









वि'-रोध कर रहे किसानों का कहना है कि नए का'-नून इस तरह से बनाए गए हैं कि उससे ऐसे बड़े का'-रोबारियों को फायदा होगा। हा'-लिया आं'-दोलन के दौरान खुलकर रिलायंस और अडाणी समूह का नाम लेकर किसानों ने विरो'-ध दर्ज कराया है। कुछ किसान समूहों ने आ'-रोप लगाया है कि अडाणी ग्रुप ऐसी फैसिलिटीज तैयार कर रहा है जहां अनाज स्‍टोर करके रखा जा'-एगा और बाद में उन्‍हें ऊंची की'-मत पर बेचा जाएगा। वहीं, कंपनी ने अपने ताजा बयान में कहा है कि 'वर्त'मान मुद्दों के सहारे जिम्‍मेदार कॉ'-र्पोरेट पर कीचड़ उछालने की कोशिश की जा रही है।'





इन्‍हीं कृषि का'-नूनों के वि'-रोध में केंद्र सरकार में मंत्री रहीं अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल ने इ'-स्‍तीफा दे दिया था। बाद में पार्टी ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया। बाद'-ल ने इस्‍तीफे के बाद के बयानों में कई बार रिला'-यंस जियो का जिक्र किया था। एक बार उन्‍होंने कहा था, "एक कि'-सान ने हमें उदा'-हरण दिया… जियो आया, उसने हमें फ्री फोन्‍स दिए। जब सबने ये फोन खरीद लिए और उनपर निर्भर हो गए तो प्रति'-योगिता ख'-त्‍म हो गई और जि'-यो ने दाम बढ़ा दिए। कॉर्पोरेट्स बिल्‍कुल यही (कृषि क्षेत्र में) करने वाले हैं।"


0 comments:

Post a Comment