Tuesday, December 8, 2020

रि’-पब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वा’मी को सुप्रीम कोर्ट ने अब दिया ये झ’-टका


रिपब्लिक टीवी और एंकर अर्नब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट ने ग'हरा झ'टका दिया है। सुप्रीम'कोर्ट ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क का स्वामित्व रखने वाली एआरजी आउटलायर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसके कर्मियों के खि’लाफ महाराष्ट्र में दर्ज मा’मलों में संरक्षण का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई से सोमवार को इनकार कर दिया।









जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि यह याचिका प्रकृति में मह’-त्वाकांक्षी है। याचिका में कहा गया था कि सभी एफआ’ईआर र’द्द की जाएं और सभी मा’मलों को जांच के लिए सीबीआई को सौं’पा जाए. इसके अला’-वा, कोई सं’पाद’कीय और अन्य कर्मचारी महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गि’रफ्ता’र नहीं किए जाएं।





जस्टिस चंद्रचूड़ ने एआरजी आउटलायर मीडिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील से कहा, ‘यह याचिका महत्वाकांक्षी प्रकृति की है। आप चाहते हैं कि महाराष्ट्र पुलिस किसी क’र्मी को गि’रफ्तार न करे और मा’मलों को सी’बी’आई को स्थानांतरित करे। बेहतर होगा कि आप इसे वापस ले लें।’ शीर्ष अदालत ने वकील को कानू’न के तहत उपल’ब्ध उचित उपचार की छू’ट के साथ याचिका वापस लेने की अनुमति दी।









याचिका में यह भी कहा गया था कि मीडिया समूह और उसके कर्मियों के खि’लाफ कई मा’मले दर्ज करने के लिए राज्य और उसकी पुलिस के वि’रुद्ध भी सीबीआई जांच होनी चाहिए। मुंबई पुलिस ने कथित टी’आर’पी घो’टाले के सिलसिले में मा’मला दर्ज किया था। मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने दा’वा किया था कि रिप’ब्लिक टीवी समेत तीन चैनलों ने टीआरपी के साथ क’थित रूप से छे’ड़छा’ड़ की।





एआरजी आउटलायर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने इन आ’रोपों को खा’-रिज किया है। इसके अलावा, महाराष्ट्र में गोस्वामी के खि’लाफ कुछ अन्य मा’मले लं’बित हैं। शीर्ष अदालत ने आ’त्मह’त्या के लिये उक’साने के 2018 के मा’मले में प्राथ’-मिकी र’द्द करने के लिये अर्नब और दो अन्य की याचिकाओं पर बंबई हाईकोर्ट के फैसला करने की तारीख से चार सप्ताह के लिये उनकी अं’तरिम ज’-मानत की अवधि 27 नवंबर को ब’ढ़ा दी थी। न्यायालय ने कहा था कि न्यायपा’-लिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फौज’-दारी कानू’न मनमाने तरीके से उ’त्पी’ड़न का ह’-थियार नहीं बनें।


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