Sunday, December 6, 2020

वैज्ञानिकों ने भी माना, सच है आदम और हव्वा का किस्सा.. देखे रिपोर्ट..


आ'-पने कभी न कभी, कहीं न कहीं ये पढ़ा या सुना जरूर होगा कि हम सब एक ही मा'ता-पिता ही संतान है। अब अमरीका के वै'-ज्ञानिकों के दावे ये साबित भी हो गया है हमारे माता-पिता एक ही हैं। इस दावे ने आद'म (पहला पुरुष) और हौवा (पहली स्त्री) के अ-'स्तित्व को भी माना है। अब इस मा'-न्यता पर हाल ही में हुए एक अ'-ध्ययन में मुहर लगाई गई है।





अध्ययन करने वाले वैज्ञा'-निकों का कहना है कि ये माता-पिता आज से तक'-रीबन 1,00,000 से 2,00,000 साल के बीच रहा करते थे, जिससे दु'-नियाभर में इंसानी सभ्यता फली-फूली। वै'-ज्ञानिकों ने अपने अध्ययन को सा'-बित करने के लिए मानव की एक लाख प्रजा'-तियों समेत करीब 50 लाख पशुओं के आनु'-वंशिक बार कोड खंगाल डाले।





वैज्ञानिकों ने अध्य'-यन के नतीजों में पाया कि एक प्राकृतिक महा'-विनाश में मानव की पूरी सभ्यता तक'-रीबन न'-ष्ट हो गई थी, जिसके बाद दुनिया में फिर एक ही माता-पिता से इं'-सानों का विकास हुआ। वैज्ञानिकों ने इसके लिए सर्वे में शा'-मिल जीवों में हमारी पीढिय़ों के वि'-कास को तय करने वाले डीएनए के कतर'न यानी बार कोड का अध्ययन किया।





इसमें पाया कि हर दस में से नौ जीवों का वि'-कास एक ही माता-पिता से हुआ था। इसमें कहा गया है कि सभी जीवों की प्रजातियों में 90 फीसदी जीव आज भी जीवित हैं। यह अध्ययन अमरीका में न्यूयॉर्क स्थित रॉक'-फेलर यूनि'-वर्सिटी और स्विट्जरलैंड की बेसल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है।





अध्ययन रॉकफेलर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मार्क स्टो'-कल और बेसल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड थॉलर नाम के दो वैज्ञानिकों की अगुवाई में किया गया। यह अध्ययन मैगजीन 'ह्मूमन रिवॉ'-ल्यूशनÓ में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन के मुताबिक, जब एक बार मानव सभ्य'-ता न'ष्ट हो गई तो दोबारा ऐसी क्या जरूरत पड़ी कि 6.5 करोड़ साल पहले डायना'-सोर युग के बाद फिर से मानवों का विकास हुआ।





नतीजों में यह कहा गया है कि दर'-असल यह मानव के स्वाभा'-विक विकास की प्रक्रिया के चलते हुआ होगा। वैज्ञानिकों ने अपने अध्य'यन के डॉर्विन के विकास के सिद्धांत का व्यापक अध्ययन किया। उन्होंने दुनियाभर में आनु'-वंशिकी से संबंधित आंक'ड़ों और इसके नतीजों की जांच की।


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